What Is Personal Computer In Hindi


What Is Personal Computer In Hindi

Personal Computer (आकृति 1 )

What Is Computer In Hindi - कंप्यूटर क्या है

कंप्यूटर (Computer) यह एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है। और बोहत कम समय में ज्यादा गणिति और लॉजिकल प्रक्रिया करने में सक्षम है। इसके अलावा बड़े पैमाने में जानकारी स्टोर करके रखता है और उसपर उचित प्रक्रिया करता है। कंप्यूटर का उपयोग ऑफिस ऑटोमेशन ,लेटर राइटिंग ,ड्राइंग,ग्राफ्स वैसेही चालू करंट जानकारी का विश्लेषण करके भविष्य का रिजल्ट निकालने के लिए होता है।

Computer Facilities - कंप्यूटर की सुविधाएं

स्पीड ,सटीकता ,लगन ,ज्यादा पैमाने में डाटा स्टोर करने की क्षमता ,भावनाहीन ,अपनेआप काम करने की क्षमता ,चंचलता ये कंप्यूटर (Computer) की महत्वपूर्ण सुविधाए है।

* Type of Computer - कंप्यूटर के प्रकार

कंप्यूटर के काम करने की क्षमता के हिसाब से कुछ चार प्रकार है।

( A ) Analog Computer - एनालॉग कंप्यूटर :- इस कंप्यूटर की मद्त से दो बातो के बिच के साधर्म्य को दर्शाया जाता है। उदा .पानी के टंकी की पानी की खोलता का माप काटे के मद्त से की जाती है। या गाड़ी का स्पीडो मीटर ,स्ट्याबिलाइज़र में उपयोग किए जानेवाले वोल्टेज इंडिकेटर ,आदि ये सब एनालॉग कंप्यूटर की उदाहरण है।

( B ) Digital Computer - डिजिटल कंप्यूटर :- जिस कंप्यूटर में डाटा डिजिटल फॉर्मेट में स्टोर किया जाता है प्रोसेस किया जाता है और आउटपुट डिजिटल फॉर्मेट में ही मिलता है ऐसे कंप्यूटर को डिजिटल कंप्यूटर कहते है।

* इसके कुछ भिन्न प्रकार है|

( 1 ) Super Computer - सुपर कंप्यूटर :- इस प्रकार के कंप्यूटर बड़ेबड़े संस्थावो में यूज़ किये जाते है। उदा . प्रयोगशाला ,संशोधन संस्था ,सरकारी प्रकल्प आदि।

( 2 ) Mainframe Computer - मेनफ़्रेम कंप्यूटर :- मेनफ़्रेम कंप्यूटर का उपयोग बड़े पैमाने में डाटा स्टोर करने के लिए किया जाता है। उदा .बैंक,इन्शुरन्स कंपनी आदि।

( 3 ) Mini Computer - मिनी कंप्यूटर :- साधारणता मध्यम इकॉनमी ग्रुप की कंपनी इस प्रकार के कंप्यूटर का उपयोग करते है।

( 4 ) Micro Computer - माइक्रो कंप्यूटर :- ये सबसे कम क्षमता वाले कम्प्यूटर्स है। छोटे छोटे ऑफिस में,घर ,छोटे बड़े प्रोजेक्ट करनेकेलिए ,थोड़े पैमाने का डाटा स्टोर करने के लिए माइक्रो कम्प्यूटर्स का उपयोग किया जाता है। कंप्यूटर की क्षमता सबसे कम है तोभी इन कंप्यूटर का उपयोग ज्यादा से ज्यादा यक्तिगत स्वरूप में होता है।

इसीलिए इन्हे पर्सनल कंप्यूटर(Personal Computer) (PC ) कहा जाता है। (आकृति 1 देखे ) ये कम्प्यूटर्स डेस्कटॉप टेबल पर रखकर उपयोग किया जाता है। वैसे ही लैपटॉप (किताब के आकार का या एक छोटे ब्रीफकेश में समाजाये इतना छोटा होता है ) वैसेही हैंडहेल्ड (एक हात में समाने वाला ) ऐसे अलगअलग साइज और प्रकार के लैपटॉप बाजार में उपलब्ध है।

( 5 ) Hybrid Computer - हाइब्रिड कंप्यूटर :- इस प्रकार के कंप्यूटर में डिजिटल और एनालॉग कंप्यूटर की जैसी विशेषता समाविष्ठ की जाती है। रोबोटिक्स और प्रोसेस कण्ट्रोल में हाइब्रिड कंप्यूटर के उपयोग किया जाता है।

* Computer System Components -कंप्यूटर सिस्टम के घटक

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU ) :- CPU याने कंप्यूटर का दिमाग है। गणिति प्रक्रिया ,तुलना , आदि या आदेशों को प्रोसेस करना इसके आलावा कंप्यूटर को जुड़े हुवे और डिवाइसो पर नियंत्रण रखने का काम CPU करता है।

C.P.U Cabinet :- किसीभी कंप्यूटर सिस्टम में सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट एक चौकोनी बॉक्स के स्वरूप में रहता है। इस बॉक्स को सीपीयू कैबिनेट कहते है। कंप्यूटर यूज़ किये जानेवाले सारे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स इस कैबिनेट में फिट किये जाते है।

सीपीयू के तीन भाग पड़ते है- मेमोरी यूनिट,कण्ट्रोल यूनिट वैसेही अरिथमैटिकल और लॉजिकल यूनिट (ALU )।

( A ) मेमोरी यूनिट :- इस यूनिट में इनपुट यूनिट के औरसे आईहुई जानकारी और तयार हुई रिजल्ट स्टोर की जाती है। कंप्यूटर मेमोरी विशिष्ट यूनिट में मापीजा सकती है।

* Two Types Of Computer Memory - कंप्यूटर मेमोरी के दो प्रकार है|

1 ) इंटरल मेमोरी 2 ) एक्सटर्नल मेमोरी

Microprocessor

Microprocessor (आकृति 2 )

( B )A और L (Arithmetical and Logical ) Unit - A and L का पूर्ण रूप Arithmetical और Logical Calculations इनकी प्रोसेस जिस यूनिट में की जाती है वे यूनिट है।

इनपुट यूनिट में आयहुवा डाटा Calculation Analysis या तुलना इनकेजेसे गणिति या तुलनात्मक क्मोकेलिए आया है की नहीं ये देखा जाता है। और ऐसी प्रोसेस करना रहा वो प्रोसेस या यूनिट में होती है। और फिर तयार हुवा रिजल्ट मेमोरी में भेजा जाता है। याने ये सब चालू रहते या सब बातो पर कण्ट्रोल यूनिट का नियंत्रण रहता है।

कंप्यूटर में कण्ट्रोल यूनिट और A और L यूनिट के काम माइक्रोप्रोसेसर नाम की एक इलेक्ट्रॉनिक चिप करती है। (आकृति 2 देखे )

( C ) Control Unit - कण्ट्रोल यूनिट :- इनपुट की हुई जानकारी इनपुट करके ,वैसे ही उसे मेमोरी के और भेजा जाना या उसपर कैलकुलेशन और प्रोसेसिंग करना ,तयार हुवे रिजल्ट आउटपुट यूनिट की और भेजना इस टाइप के सभी क्रियापर कण्ट्रोल यूनिट का नियंत्रण रहता है। याने कण्ट्रोल यूनिट ये C.P.U. का ऐसा भाग है की वो कंप्यूटर का कोणता भी काम चालू रहते खुद का नियंत्रण उसपर रखता है।

हमने कंप्यूटर के मेमोरी के दो प्रकार देखे है 1 ) इंटरनल मेमोरी 2 ) एक्सटर्नल मेमोरी अब हम इसके बारे कुछ और जानकारी जानेगे।

प्राइमरी मेमोरी (Internal Memory ) :- इसे कंप्यूटर की प्राथमिक मेमोरी के नाम से भी जनजाता है। इंटरनल मेमोरी के बिना कंप्यूटर का उपयोग किया ही नहीं जा सकता। ये मेमोरी कंप्यूटर के मदरबोर्ड पर ही स्थित रहती है। ये मेमोरी सिलिकॉन चिप्स के स्वरूप में रहती है।

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* Three Types Of Internal Memory - इंटरनल मेमोरी के तीन प्रकार है

  • ( i ) RAM
  • ( ii ) ROM
  • ( iii ) Cache

RAM Chip (SIMM)

RAM Chip (SIMM) (आकृति 3 )

( i ) RAM (Random Access Memory ) - (आकृति 3 देखे ) कंप्यूटर के इस मेमोरी में स्टोर जानकारी बिजली प्रवाह चालू रहते तक उपयोग किया जाता है। बिजलिप्रवाह बंद हुवा की ये जानकारी पूरी तरह डिलीट हो जाती है। इसीलिए इस मेमोरी को टेम्पररी मेमोरी (Volatile Memory ) कहा जाता है।

( ii ) ROM (Read Only Memory ) - इस मेमोरी में जानकारी हम सिर्फ पढ़ सकते है पर मूल जानकारी को हम बदल नहीं सकते। इसीलिए ROM Memory (Read Only Memory ) कहा जाता है। कंप्यूटर बांध किया तोभी इस मेमोरी की जानकारी डिलीट नहीं होती। कंप्यूटर चालू होते वक़्त महत्वपूर्ण प्रोग्राम इस मेमोरी में स्टोर रहता है।

( iii ) Cache Memory - ये एक टेम्पररी मेमोरी के तौर पर जनजाती है। प्रोसेसर को एक टाइम में कोणता डाटा होना इसका केच मेमोरी अंदाज लगता और वो डाटा केच मेमोरी में लोड किया जाता है। वैसेही किसी डाटा पर बारबार प्रोसेस होनेपर ,उसे आगे डाटा प्रोसेसर को फिर लगनेवाला होगा ऐसे समज के ,वो डाटा केच मेमोरी में लोड किया जाता है।

* Secondary Memory - सेकेंडरी ममोरी (एक्सटर्नल मेमोरी )

एक्सटर्नल मेमोरी याने कंप्यूटर के इंटरनल मेमोरी की साथ जोड़ी हुई और एक मेमोरी है। इस मेमोरी में कुछ मेमोरी डिवाइस रहते है।

Hard Disk

Hard Disk (आकृति 4 )

( A ) मैग्नेटिक डिस्क या हार्ड डिस्क :- बड़े पैमाने की जानकारी स्टोर करने के लिए इस डिवाइस को उपयोग किया जाता है। (आकृति क्र .4 देखे ) इसमें एकके बदले अनेक डिस्क रहती है। प्र्तेक डेस्कके दोनो पृष्टोभागो पर जानकारी स्टोर रहती है। दोनों डिस्कके दोनो पृष्टोभागो की रीडराइट करने वाले दोनों हेड्स के जैसे एक हार्डडिस्क में अनेक हेड्स रहते है। इसलिए डिस्क की जानकारी पढनेकी वैसेही लिखने की स्पीड ज्यादा रहती है।

( B ) Optical Disk - ऑप्टिकल डिस्क

( A ) CD (कॉम्पैक्ट डिस्क ) - मार्किट में इस प्रकारकी ब्लेंक CDs मिलती है। अलगअलग प्रकारका डाटा उदा.ऐतिहासिक डाटा , डाटाबेस , कंप्यूटर के द्वारा बनाई किताबोका डाटा , आदि हमको इस प्रकार की सीडीज स्टोर करती आती है। मात्र वे डाटा एकबार सीडी में स्टोर करनेके बाद इरेस कर नहीं सकते। इसकी क्षमता 650 MB से 1 GB इतनी होती है। इसपर एकही बाजु से डाटा स्टोर किया जाता है। इसके कुछ प्रकार है

( i ) CD -ROM - अलगअलग सॉफ्टवेयर , निश्चित प्रकारकी (न बदलनेवाली ) जानकारी, डाटाबेस ,सन्दर्भकीताब इन्हे स्टोर करनेकेलिए इसका उपयोग करता है। इसकी क्षमता 650 MB से 1 GB इतनी रहती है। इसपर एक बाजूसे डाटा स्टोर किया जाता है। पहले जानकारी स्टोर की हुई सीडीज मार्किट में उपलब्ध है। उदा .सांग , फिल्म,कंप्यूटर गेम्स ,सॉफ्टवेयर ,यूजर मनुएल्स आदि, प्रकारकी जानकारी स्टोर की हुई सीडीज मिलती है।

( ii ) CD -R - बाजार में इस प्रकार की ब्लेंक सीडीज मिलती है। अलगअलग प्रकारके डाटा उदा . ऐतिहासिक डाटा,डाटाबेस,कंप्यूटर के द्वारा तयार किये जाते है। इसकी भी क्षमता 650 MB, से 1 GB इतनी रहती है।

( iii ) CD -RW - इसका उपयोग करके हमे इसका कितने भी बार डाटा स्टोर करते आता है। या इसमें बदलाव करते आता है। या पहले का डाटा निकालके इरेस करके नया डाटा इसपर कॉपी करसकते है। इसकी क्षमता 650 MB से 1 GB इतनी रहती है। इसपर एकहि बाजूसे डाटा स्टोर किया जासकता है। इसका उपयोग फ्लॉपी डिस्क की तरह करते आता है।

( B ) DVD (Digital Varsatile Disk ) - नए टेक्नोलॉजी पर आधारित cd से ज्यादा अधिक जानकारी स्टोर क्षमता रखने वाला यह डिस्क है। इसकी क्षमता सीडी से याने 4 .7 GB से 17 GB इतनी रहती है। इसके भी CD -ROM ,CD -R , CD -RW के जैसे ही DVD -ROM , DVD -R और DVD -RW ऐसे प्रकार है।

( i ) DVD -ROM :- अलगअलग सॉफ्टवेयर,निश्चित प्रकारकी (न बदलनेवाली ) जानकारी,डाटाबेस ,सन्दर्भ किताब,फिल्म,कम्प्यूटर गेम्स,इनको स्टोर करनेके लिए उपयोग किया जाता है।

पहलेही जानकारी स्टोर की गई इस प्रकारके डिवीडीज बाजार में उपलब्ध है। इसमें पहले से स्टोर की गई जानकारी को हमे किसी भी तरह से बदलते नहीं आती। या डिलीट करते नहीं आती।

( ii ) DVD -R :-अलगअलग सॉफ्टवेयर,निश्चित प्रकारकी (न बदलनेवाली ) जानकारी,डाटाबेस ,सन्दर्भ किताब,फिल्म,कम्प्यूटर गेम्स,इनको स्टोर करनेके लिए उपयोग किया जाता है। पहलेही जानकारी स्टोर की गई इस प्रकारके डिवीडीज बाजार में उपलब्ध है। इसमें पहले से स्टोर की गई जानकारी को हमे किसी भी तरह से बदलते नहीं आती। या डिलीट करते नहीं आती।

( iii ) DVD -RW :- इसका उपयोग करके हमे इसमें कितने भी बार डाटा स्टोर करसकते है। या इसमें बदल करते आता है। या स्टोर डाटा को डिलीट करके दूसरा नया डाटा स्टोर करसकते है।

Pen Drive

Pen Drive (आकृति 5 )

( C ) पेन ड्राइव (फ़्लैश ड्राइव /थंब ड्राइव ) :- इस प्रकारके ड्राइव ये कंप्यूटर को USB PORT की मद्त से सरलता से जोड़ा जाता है। इसकी क्षमता 4 GB से 1 TB तक रहती है। आजकल कंप्यूटर का डाटा और इनफार्मेशन ट्रांसफर करनेकेलिए पेन ड्राइव का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है। इसकी जानकारी सरलता से कंप्यूटर पर ट्रांसफर करते आती है। वैसे ही जो जानकारी डिलीट करना है उसे डिलीट कर सकते है( आकृति 5 देखे )

Flash Memory Cards

Flash Memory Cards (आकृति 6 )

( D ) फ़्लैश मेमोरी कार्ड्स :- आजकाल डिजिटल कैमरा ,मोबाइल फ़ोन, MP3 प्लेयर ,वीडियो क्यामकॉर्डर ,जीपीएस नैविगेटर्स,आदि अलगअलग डिवाइस में जानकारी स्टोर करने के लिए फ़्लैश मेमोरी कार्ड्स इस प्रकारकी मेमोरी डिवाइस का उपयोग किया जाता है। इसकी जानकारी सरलता से कंप्यूटर पर ट्रांसफर करते आती है। वैसेही जिस डाटा की जरूरत नहीं है उसे डिलीट करते आता है। वैसे ही मेमोरी कार्ड कैपेसिटी 2 GB से 64 GB तक रहसकती है( आकृति 6 देखे )।