Information About Delhi In Hindi - दिल्ली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी


Delhi Information In Hindi

Rajdhani Delhi Information In Hindi

Brief Information About Delhi In Hindi - दिल्ली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

आज इस लेख में भारत देश की राजधानी दिल्ली के बारे कुछ महत्वपूर्ण जानकारी जानेगे (Delhi Information In Hindi) । दिल्ली भारत की राजधानी कब बनी दिल्ली में किस किस राजवो ने हुकूमत की। महापुरुषों की समाधि स्थल आदि दिल्ली के भूगोल ,इतिहास ,कृषि ,उद्योग आदि के बारे कुछ महत्वपूर्ण 10 लाइन (10 Lines On Delhi State) । चलिए जानते है नई दिल्ली के बारे में कुछ अमेजिंग फैक्ट्स (New Delhi Amazing Facts) ।

Information About Delhi In Hindi - दिल्ली के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

दिल्ली ये उत्तर भारत का एक महानगर है दिल्ली एक विशेष केंद्रशासित प्रदेश है। इस शहर का कारोबार केंद्र सरकार ,दिल्ली राज्य और तीन महानगर पालिका देखती है। नई दिल्ली भारतीय प्रजासताक राजधानी है। नई दिल्ली इस महानगर का एक शहर है 2011 की जनगणना नुसार दिल्ली की पूर्ण लोकसंख्या 16 ,753 ,235 (शहरी :16 ,333 ,916 , ग्रामीण :419 ,319 ) इतनी है। क्षेत्रफल 1 ,483 चौ.की.मि. है दिल्ली ये दुनिया की सातवे क्रमांक का सबसे ज्यादा लोकसंख्या वाला महानगर है और मुंबई दूसरे क्रमांक की है। हिंदी और उर्दू यहाँ की मुख्य भाषा है। दिल्ली की साक्षरता दर 83 .34 टक्का है। गेहू और बाजरा यहाँ की प्रमुख फसल है यमुना ये दिल्ली से बहने वाली नदी है।

राजधानी का शहर होने की वजह से देश के विविध दिशा से आके यहाँ नागरिक स्थाईक हुवे है। इसलिए दिल्ली एक बहुसांस्कृतिक महानगर बना है। तेजी से हुवा शहरीकरन और तेजी होरही प्रगति इस वजह से दिल्ली के आर्थिक क्षेत्र में विकास हुवा है। दिल्ली के नागरिको की सरासरी कमाई ये राष्ट्रिय सरासरी से ज्यादा रहती है।

नई दिल्ली शहर स्वतंत्र भारत की राजधानी है। राजधानी होने के वजहसे भारत सरकार की विधि,न्याय और प्रशाशन ये तीन्हो शाखावो का मुख्यालय यहाँ स्थित है। नई दिल्ली ये दिल्ली प्रदेश की राजधानी है इस शहर की कोनशिला 15 दिसंबर 1911 को बसाई गई। इस शहर का नकाशा सर एडविन ल्यूटेन्स और सर हर्बट बेकर इस विख्यात स्थापतेकरो ने बनाया है।

Red Fort Of Delhi

Laal Killa Delhi

History Of Delhi - दिल्ल्ली का इतिहास

दिल्ली में कमसेकम साथ राजावो के गावो का अवशेष रूप में निशान बचे हुवे है। पुराणकाल में पांडवो की राजधानी इंद्रप्रस्थ यहाँ ही थी। दिल्ली का लिखित इतिहास मात्र 11 वे शतक से दीखता है। इस टाइम तक यहाँ राजपूत राज्य करते थे। 1192 में दिल्ली का राजा तुर्क के साथ हुई लढ़ाई में मारा गया। इस टाइम से मुस्लिम शाशकोने यहाँ शाशन किया। उनके वंशजो ने ब्रिटिश आने तक यहाँ राज किया।

सुरुवात के काल में बनाया गया दिल्ली का भव्य स्मारक कुतुबमीनार। इसका काम कुतुबुद्दीन ऐबक इसने इ.स. 1200 के दशक में चालू किया और उनका जवाई इल्तुतमिश इसने 1211 -1226 में उसे पूरा करवाया। राजा पृथ्वी राज गांव 'राय पिठोरा' यहाँ 72 .55 मीटर उचाई का कुतुबमीनार स्थापित किया। बिच में हुवे एक दुर्घटना से मात्र उसपर जाते आता नहीं। एक बिलकुल बिना जंग खाया हुवा लोहे का स्तंभ धुप -छाव में खड़ा है।

दिल्ली पर राज करनेवाले स्लेव्ह राजघराने के लोक क़ुतुब के परिसर में स्मारक बांधने वाले पहले राजयकर्ता हो सकते है। खिलजी और तुग़लक़ राजघरानोने ये परंपरा आगे चलाई। मुग़ल साम्राज्य का सबसे ज्यादा मोहर पढ़ी है। उसके बाद हुमायु ने दिल्ली को फिर एक बार राजधानी घोषित किया। दिल्ली का जूना लाल किल्ला जहाँ स्थित है युदिस्टिरने यही पे इंद्रप्रस्थ शहर बसाया ऐसा वह मिले अवशेषों के आधार पर जानकार मानते है।

हुमायु टॉम्ब ये भव्य स्मारक वास्तुशिल्पशास्त्रके दृष्टिसे ताजमहल से भी आगे है ऐसा माना जाता है। अकबर बादशाहने आगरा से राज किया जहाँगीर का वास्तव्य लाहौर में ही दीखता है। उसके बाद शाहजहाँ ने दिल्ली में लाल किल्ला और जमा मस्जिद का निर्माण करवाया। इन दोनों स्थानों की चारो बाजु में जहानाबाद गांव की रचना की। आज के दिल्ली का ये मध्य भाग है इ.स.1647 में पूरा करा गया लाल किल्ला ये दिल्ली का सबसे विशाल ,भव्य और चिरकालीन स्मारक है। दिल्ली के लाल किल्ले के आगे इतनी जगह है की हजारो लोग यहाँ एक साथ प्रार्थना कर सकते है इतनी बड़ी जमा मस्जिद है। यहाँ का चांदनी चौक ये खरेदी करनेके हिसाब से बोहत बड़ा मार्केट है। बनाये गए कपड़े ,उन ,उन से बने कपड़े दिल्ली में अच्छे मिलते है। पालिका बाजार ये दिल्ली और एक खरीदी के लिए बड़ा बाजार है।

ईस्ट इंडिया कंपनी ने 18 के शतक के सुरुवात में दिल्ली में अपने पैर जमाये । 1857 में मोगल साम्राज्य का अस्त होक ब्रिटिशो की सत्ता काबिज हुई। इ.स. 1911 में पंचम जॉर्ज राजाने उनकी शाही दरबार जूनि दिल्ली के उत्तर के बाजु की बाह्य भाग में भरी थी। अपनी राजधानी कोलकत्ता से दिल्ली लाने की घोषणा की इसलिए शाहजानाबाद और क़ुतुब की रैतीना गांव को चुना गया। सर एडविन लुटाएनस और सर हर्बर्ट बेकर ये दोनों विख्यात आर्किटेक्ट इस काम के लिए चुने गए। लूटेन्स ने अभी का राष्ट्रपति भवन बनाया ,तो बेकर ने सेंट्रल सचिवालय ,राज्य सभा और पार्लामेंट हाउस इनको बनाया। पार्लामेंट हाउस अंदर से देखना है तो किसी भी खासदार का प्रिशिस्ती पत्र लगता है। ये पत्र रहने पर ही इसके लिए अनुमति मिल सकती है। त्रिमूर्ति भवन में प .नेहरू इनकी और सफदरजंग रोड पर इंदिरा गाँधी इनका खास संग्राहलय है।

Rashtrapati Bhavan Delhi

Rashtrapati Bhavan Delhi

Information Of Delhi Historical Place - दिल्ली के ऐतिहासिक जगहों के बारे में कुछ जानकारी

इसके आलावा दिल्ली का लक्ष्मी नारायण मंदिर (बिरला मंदिर ), बहाई या लोटस टेम्पेल ,जंतर मंतर ,विज्ञानं से सुसज्ज ऐसा बच्चो के लिए अप्पू घर ,एशियाड स्टेडियम ,बगीचे ,प्रगति मैदान पर हमेशा भरने वाली ट्रेड फेअर्स,पालिका बाजार में मिलने वाली स्वस्थ और मस्त तयार कपड़ो की बिक्री करने वाले मार्केट्स दिल्ली में है। तो ऐसी ये भारत की सुंदर राजधिनी है वैसी सालभर देश-विदेश यहाँ सैलानी आते रहते है। फेब्रुवारी और नवम्बर दिल्ली में घूमने के लिए सही समय है।

Geography Of Delhi - दिल्ली का भूगोल

दिल्ली और उसके परिसर को अनौपचारिक राष्ट्रिय राजधानी क्षेत्र कहा जाता है। इसमें दिल्ली के वेतरिक्त पड़ोस के हरियाणा राज्य के फरीदाबाद और गुड़गांव ,उत्तर प्रदेश के नोयडा और गाजियाबाद इन शहरों का समावेश है। नेत्रुत्व के अरावली पर्वत और पूर्व की यमुना नदी इनके बिच बसे दिल्ली इतिहास काल से महत्व की जगह है।

विशिष्ट भौगोलिक रचनाके कारण वायव्य हिन्दुस्थान से जून व्यापार मार्गोपर दिल्ली ने अपना दबदबा हमेशा रखा। ये शहर पुरातन भारत के अनेक साम्राज्यों की राजधानी थी। दिल्ली में स्थलांतरित होनेवाला की संख्या बढ़ते जानेसे वे संस्कृति और बुधिजनो का मायका बनगई। पर बढ़ती लोकसंख्या के कारण आज दिल्ली ये प्रदूषण ,वाहतूक ,बिजली की पूर्ति और पानी की कमी ऐसी अनेक समस्या से जुज़रही है।

District - जिल्हे

नई दिल्ली ,मध्यवर्ती दिल्ली,उत्तर दिल्ली,ईशान्य दिल्ली,पूर्व दिल्ली,दक्षिण दिल्ली,नेत्रुत्व दिल्ली ,पश्चिम दिल्ली,वायव्य दिल्ली ,दक्षिण पूर्व दिल्ली ,शाहदरा।

Agriculture - कृषि

गेजी ,बाजरा,ज्वारी,चना और मक्का ये यहाँ की प्रमुख फसल है। पर अभी किसान धन की खेती करनेके आलावा फल और फलभाजी ,दूध उत्पादन ,कुकुट पालन ,फूलो की खेती इन्हे ज्यादा महत्व दे रहे है। इसलिए यहाँ के किसानो के आर्थिक उत्पन में उछाल आया है।

Delhi Metro

Delhi Metro

Industry - उद्योग

दिल्ली (Delhi )ये उत्तर भारत का सबसे बड़ा व्यवसाइक केंद रहके बड़े उधोगधन्दे के साथ लघु और मध्यम उधोगोंके में अग्रेसर है। यहाँ दूरचित्रवानी,टेपरिकॉर्डर,इंजीनियर चीजे ,सायकल,पीवीसी से निर्मित हुवे चीजे जुते-चप्पल ,कपड़ा ,दवाई,होजियरी के सामान ,चमडो के चीजे ,सॉफ्टवेयर,आदि निर्मिति करि जाती है। जिस उद्योगो द्वारा प्रदूषण की समस्या निर्माण नहीं होगी ऐसे उधोगोंको दिल्ली में प्राधान्य दिए जारहे है।

Sprinkler System - सिंचन व्यवस्था

दिल्ली के गावो के तेजी से शहरी करण होने के कारण दिल्ली की सिंचन के अंदर आने वाली और खेती योग्य जमीन धीरे धीरे कम होते जारही है। राज्य में केशोपुर परवाह सिंचन योजना तृतीय चरण और जल संशोधन साहयंत्रो के द्वारा सुधार और प्रवाह विस्तार सिंचन प्रणाली इस दोनों सुरु है। दिल्ली की ग्रामीण क्षेत्रों की 350 हेक्टर जमीनों की सिंचन राज्य नलकूप द्वारे की जाती है। 4 ,900 हेक्टर जमीन सिंचन हरियाणा सरकारके अधिकार क्षेत्र में आने वाले पश्चिम युमना नहरके द्वारा की जाती है।

Some Information About Delhi's Transport Economy दिल्ली की ट्रांसपोर्ट वेवस्था की कुछ जानकारी

दिल्ली रस्ते,रेलवे और विमान सेवाद्वारे देशो के सभी भागो से जुड़ा है। यहाँ इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा ,पालम हवाई अड्डा और अफदरजंग हवाईअड्डा तल ऐसे तीन हवाईअड्डे है। दिल्ली में तीन महत्व के रेलवे स्टैशन है इसमें दिल्ली जंक्शन,नई दिल्ली रेलवे स्टैशन,और निजामुद्दीन,रेलवे स्टैशन इनके समावेश है। कश्मीरी गेट,सराय काले खा और आनंद विहार ये तीन अंतर्राज्यीय बसस्टॉप है। इसके आलावा ,मेट्रो रेलवे ये दिल्ली का परिवहन का प्रमुख साधन है। यहाँ की मेट्रो रेलवे की लम्बाई 190 किलो मीटर है।

Festivals - त्यौहार और उत्सव

भारत की राजधानी होने की वजहसे दिल्ली में भारत के सभी त्यौहार और उत्सव मनाये जाते है। इसके आलावा दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास मंडल द्वारा यहाँ कुछ वार्षिक उत्सव के आयोजन किये जाते है। रोशनआरा उत्सव ,शालीमार उत्सव ,क़ुतुब मेला, ठंडी के मौसम का मेला ,उद्यान और पर्यटन मेला ,जहाने-खुशरो उत्सव और आम मोहत्सव यहाँ मनाये जाते है।

Tourist places in Delhi Information - दिल्ली के पर्यटन स्थलों की जानकारी

दिल्ली के प्रमुख पर्यटन केंद्र में लालकिला,जमा मस्जिद ,कुतुबमीनार,इंडिया गेट ,लक्ष्मीनारायण मंदिर (बिड़ला ),हुमायु का मकबरा और लोटस टेम्पल,ये महत्वपूर्ण स्थान है। दिल्ली राज्य पर्यटन और परिवहन विकास निगम पर्यटकोको विभिन्न स्थानों के भर्मण करने केलिए विशेष बस सेवा चलाई है। मंडल द्वारे प्यारा सेलिंग ,रॉक क्लाइम्बिंग और बोटिंग इन जैसे साहसपूर्ण खेलो के लिए सुविधा विकसित किये जारहे है। मंडल द्वारा दिल्ली हॉट का विकास किया गया है ,यहाँ विविध राज्यों की खाद्य वस्तु एक ही जगह उपलब्ध है। दिल्ली के विभिन्न भागो में 'कॉपी होम' चलाई जारही है। दक्षिण दिल्ली जिल्हो में पंचकेन्द्रियो का पार्क सुरु किया गया है।