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Information About Kerala In Hindi

Information About Kerala In Hindi

Kerala State Information In Hindi - केरला राज्य के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

केरल राज्य समुद्र किनारे बसा एक समृद्ध राज्य है यहाँ की जनसंख्या पूर्ण 100 % शिक्षित है। आज इस लेख में हम केरला राज्य के बारे कुछ महत्वपूर्ण जानकारी (Kerala Inforamtin In Hindi) आप को देंगे यहाँ का रहन सहन ,भाषा ,त्यौहार ,नृत्य ,खेल ,जिल्हे और यहाँ की वाइल्ड लाइफ के बारे में कुछ जरनल जानकारी तो चलिए जानते है केरल राज्य के बारे में।

केरल ये भारत देश के दक्षिण सिरे में बसा राज्य है। कर्नाटक और तमिलनाडु इन दो राज्यों की सिमा केरल से लगी हुई है। केरल के पश्चिम में अरब समुद्र और दक्षिण में हिंदी महासागर है। भारत का सबसे हरवाइत से भरा राज्य के तौर पर इसका उल्लेख होता है। केरला राज्य की स्थापना 1 नवम्बर 1956 मे हुई। तिरुअनंतपुरम ये केरल राज्य की राजधानी है। कोच्चि और कोजीकोड ये यहाँ की महत्वपूर्ण शहरो में से एक है।

मलयालम यहाँ की मुख्य भाषा है। पर्यटन की मामले में केरल ये भारत का दूसरे क्रमांक का राज्य है। श्रुष्टिसौंदर्य और यहाँ की आयुर्वेद उपचार की लिए देश से वैसे ही दुनिया भर से हजारो लोग हर साल आते है। राज्य का साक्षरता का प्रमाण 100 प्रतिशत की आस पास है। इसलिए केरल में भारत का सबसे शिक्षित राज्य होने का दर्जा है। 2005 में एक सर्वेक्षण की अनुसार केरल ये भारत का सबसे कम भ्र्ष्ट राज्य है। गए कुछ साल यहाँ की स्थानीय लोग ने काम की तलाश में आखाती देशो में जारहे है।

History and Geography of Kerala State - केरला राज्य का इतिहास और भूगोल

केरला भारतीय उपमहाद्वीप के दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में स्थित है। जब स्वतंत्र भारत में छोटे प्रांतो का विलय हुवा तब त्रावणकोर और कोचीन प्रान्त मिलके 1 जुलै ,1949 मे त्रावणकोर कोचीन राज्य बनाया गया। मात्र ये मद्रास प्रांत के अधीन थे। राज्य पुनर्गठन अधिनियम ,1956 के अंतर्गत त्रावणकोर -कोचीन राज्य और मलबारला मिलके 1 ,नवम्बर 1956 में केरल राज्य अस्तित्व में आया।

पूर्व में उची पश्चिम घाट और पश्चिम में अरब समुद्र के बीचोबीच स्थित इन प्रदेशो की चौड़ाई 35 किमी से 120 किमी. तक है। भूगोल के हिसाबसे केरल को पर्वतीय क्षेत्र ,घाट ,मध्यवर्ती मैदान और तटवर्ती क्षेत्रों में विभजित है। केरल राज्य तलाव और नदियों के दृष्टी से समृद्ध राज्य है। 41 पश्चिम में और 3 पूर्व में बहनेवाली सारी 44 नदी अपने सहायक नदी और उपनदी मिलाके केरल से बहती है। समुद्री खाड़ी केरल में आकर्षण का केंद्र है।

Agriculture Department of Kerala - केरला का कृषि विभाग

हरभरे धान के खेत ,नरियल के झाड़ , खुसबूदार मसलोकि बाग़ और 'गॉड्स ऑन कंट्री के रूप में प्रशिद्ध केरल भारत के दक्षिण किनारे में बसा है। केरल यहाँ उपजावू जमीन विविध प्रकार की फसले और फल ली जाती है। हवामान खतोके अनुसार 1 जून से 31 जुलाई तक दक्षिण -पश्चिम मानसून काल में 40 टक्का ज्यादा हुई है।

Multiple Industries of Kerala - केरला के विविध उधोग

केरला उद्योगिकी राष्ट्र के तौर पे देश का विकसित राज्य है। राज्य में उधोग के दृस्टि से विविध क्षेत्रों में ऑपर्चुनिटी है। राज्य सरकारने सब क्षेत्रों में इन्वेस्टमेंट के लिए उधोगपतियो के हित में उद्योगिकी निति लागु करने की शिफारिश की है। 2011 -12 के साल में मूल्य में जीएसडीपी में केरल के निर्मितिक्षेत्र में आसपास 13 . 5 टक्के घटती आई है। औधोगिक उत्पादन इंडेक्स (आयआयपि ) पर उपलब्ध वर्तमान अंदाजनुसार 2012 -13 के द्सुसरे तिमाही के दरम्यान खनन ,निर्मिति और विधुत इंडेक्समे 1 .8 टक्का ,0 .2 और 2 .8 टक्के से वृद्धि दर बढ़ी थी। 2011 -12 के दूसरे तिमाही उधोग में वृद्धि दर (-) 4 .1 ,3 .4 और 10 .5 टक्के दर्ज किया गया। सीमेंट उत्पादन और लोह उधोग क्षेत्र ये वृद्धि दर 5 .1 और 2 .3 टक्का थी। वर्ष 2012 -13 के दरम्यान 20 नए औधोगिक योजना सुरु हुई। और 31 से ज्यादा अधिक योजना पुरे होने वाली है।

2013 -14 में राज्य के पांच विमानतलोको जोड़कर पांच एकीकृत उधोग हब योजना लागु करने में आई। इसके आलावा सप्लीमेंट्री गैस इंफ्रास्ट्रचर योजना ,कोच्चि,इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर पार्क कोच्चि ,लाइफसाइंस पार्क ,तिरुवअंतपुरम कोकोनट इंडस्ट्रियल पार्क ,कट्टियाड और कोच्चि पलकड़ एमआयएमएस योजना इनजैसी और योजना केंद्र सरकार के विचरो के अधीन है।

Watering and electrical - सिंचन और विधुत

राज्य में भूतल सिंचन का प्रमुख भाग है। केरल में पुरे 18 धरण है भूजल संसाधनोपर सिंचन विकास केंद्रित है। केरल में सिंचन विकास प्रमुख तौर पर बड़े और माध्यम दर्जो की सिंचन योजनावो का विकासपर याने जल संसाधनों के विकासपर केंद्रित है। प्र्तेक योजना बड़ी और मध्यम दर्जोकि सिंचन योजनावो के विकासोको प्राथमिकता दी गई है।

सब विकासो की रेस में विधुत क्षेत्र की भूमिका महत्व की है। औधोगिक क्षेत्र बिजली समस्या ये मुख्य बाधा है। बिजली की मांग बढ़ रही है इसलिए बिजली के उत्पादन में बढ़ोतरी होना आवश्यक है। जलविधुत आधारित योजनावोके लिए मानसून आवश्यक है। यहाँ केएसईबी जलाशय में थोड़ा ही पानी उपलब्ध है। केरल ये ऐसे कुछ राज्यों में से एक है जहाँ बिजली की कमतरता है। राज्य 60 टक्का विधुत दूसरे राज्य से खरीदता है। सबसे महत्व का मतलब सरे गावो में बिजली उपलब्ध है। जलविधुत ऊर्जा केरल में एक महत्वका विश्वशनीय स्त्रोत है।

Kerala Water Purpose Department - केरला पानी पुरवठा विभाग

देश में बढ़ते मानवी हाल चाल के बराबर प्राणी की मांग बढ़ती जारही है। पाणीपुरवठा सुविधा प्रदान करने ये राज्य की जवाबदारी है। 71 टक्का ग्रामीण लोकसंख्या और 20 टक्का शहरी क्षेत्र में पाणीपुरवठा उपलब्ध है। पाणीपुरवठा योजना का लाभ मिलने वालो की संख्या ग्रामीण क्षेत्रमे 169 .30 लाख और शहरी क्षेत्र में 70 .41 लाख है।

Festivals - त्यौहार और उत्सव

केरल राज्य विविध प्रकारके त्यौहार और उत्तस्व मनाये जाते है। ओणम ये केरल का पारम्परिक त्यौहार है ये त्यौहार फसल के काटने पर मनाया जाता है मात्र अब खगोलीय नववर्ष की दिन मनाया जाता है। केरलमें नवरात्र उत्तस्व सरस्वती पूजन के रूप में मनाया जाता है। महाशिवरात्रि पेरियार नदी के किनारे रंगारंग पद्धति से मनाया जाता है। इसकी तुलना कुम्भ मेले से करी गई है सबरीमाला अय्यपन मंदिर में मकर विलल्कुशह 41 दिनों टिक मनाया जाता है। यहाँ देश विदेश से लाखो भाविक भाग लेते है। केरली नाव दौड़ सारे भारत में प्रख्यात है अलप्पुझा जिल्हे की पुन्नमदा खाड़ी में प्रशिद्ध नेहरू ट्राफी नाव दौड़ आयोजित की जाती है। त्रिसूरमे हरसाल अप्रैल महीने में पुरम ये त्यौहार मनाया जाता है। क्रिश्मस ये यहाँ का मुख्य ईसाई त्यौहार है मुस्लिम भाई मिलादे शरीफ ,रमजान रोजा,ईद-उल-फितर और बकरी ईद ये त्यौहार मनाते है।

Kerala Transport - केरला परिवहन

रस्ते : विधुत,परिवहन ,विमानतल और हार्बर इन जैसी सुविधा है और राज्य में औधोगिक विकास के दुर्ष्टिसे कोशिश जारी है। पीडब्लूडी के अंतर्गत राज्ये के राष्ट्रिय महामार्ग और राज्यमार्ग वैसेही प्रमुख जिल्हे रास्ते तयार करना उसकी सुधारना व् देखभाल करने के कार्य किये जारहे है। राज्य में पीडब्लूडी रास्तेकी लम्बाई 31 ,८११.6 किमी वैसेही राष्ट्रिय महामार्ग की लम्बाई 1 ,542 किमी है।

बंदर: अरबी समुद्र के दक्षिण-पश्चिम किनारेपर केरल ये राज्य है। 585 किमी का समुद्रकिनारा और प्रमुख बंदर कोचीन और 17 छोटे बंदर है।

रेलवे : रेलवे ये राष्ट्र का औधोगिक विकास का महत्वपूर्ण टप्पा है। वैसे ही देश में रोजगार उपलब्ध करने वाला सोर्स है। केरल राज्य में रेलवे मार्ग की लम्बाई 1 ,257 किमी है। इसमें 13 रेल मार्ग है।

वायुमार्ग :केरल में तिरुवन्तपुरम ,कोच्चि और कोरिकोड ऐसे तीन हवाईअड्डे है। ये घरगुती और अंतर्राष्ट्रीय सेवा देते है तिरुवन्तपुरम और कोरिकोड हवाईअड्डे भारत सरकार वैसेही कोच्चि हवाईअड्डे कोच्चि अन्तर्राष्टीय एयरपोर्ट लिमिटेड अंतर्गत सेवा देते है। इस हवाईअड्डे को केरल सरकार और प्राइवेट सार्वजनिक भागीदारी अंतर्गत स्थापना करी गई।

Kerala Tourism Information - केरला पर्यटन इनफार्मेशन

भारत के दक्षिण -पश्चिम किनारेपर हरेभरे जमीन का एक पट्टा पश्चिम में अरब समुद्र और पूर्व में पश्चिम घाट के बिच स्थित है। अपने रंगीन और विविधता पूर्ण प्राकृतिक छटा इस कारणसे ये उष्णकटिबंधीय 'गॉड्स ऑन कंट्री ' के नाम से पहचाने जाते है राज्य देश में और दुनिया में पर्यटकोको आकर्षित करनेवाला सबसे शाक्षरता वाला राज्य है। केरल एक वैशिष्ट्य याने यहाँ ज्यादा से ज्यादा पर्यटन स्थल ही एक -दुसरेसे चार घंटो के अंतराल में है। केरल अपनी धर्मनिरपेक्षता और संस्कृति से सम्पूर्ण दुनिया को आकर्षित करने वाला राज्य है।

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केरला एस.एस.एल.सी. हिंदी नोट्स

हरियाणा हिंदी जीके नोट्स

राजस्थान जीके इन हिंदी

Basic Information About Kerala - केरला के बारे में कुछ बेसिक जानकारी

स्थापना दिवस 1 नवंबर 1956
क्षेत्रफल 38 ,863 चौरस किलोमीटर
राजधानी तिरुवंतपुरम
लोकसंख्या 3 ,33 ,87 ,677 (2011 )
साक्षरता 93 .71 टक्का
राज्य प्राणी हाती
राजधानी तिरुवंतपुरम
राज्य पक्षी ग्रेट हॉर्नबिल
राज्य वृक्ष नारियल का झाड़
राज्य फुल गोल्डन शॉवर
भाषा मलयालम ,अंग्रेजी
विधानसभा सदस्य 141
राज्य सभा सदस्य 9
लोकसभा सदस्य 20
उच्च न्यायालय केरल उच्च न्यायालय कोच्चि
राज्य पाल आरिफ मोहमद्द खान
मुख्यमंत्री पिनरई विजयन